APA (7 वां संस्करण) प्रशस्ति पत्र

Herrmann, K., Müller, J., & Victor, W. (1965). Sturm und Drang: Ein Lesebuch für unsere Zeit (6. Auflage, 37.-43. Tausend.). Aufbau-Verlag.

शिकागो शैली (17वां संस्करण) प्रशस्ति पत्र

Herrmann, Klaus, Joachim Müller, और Walther Victor. Sturm Und Drang: Ein Lesebuch Für Unsere Zeit. 6. Auflage, 37.-43. Tausend. Berlin ; Weimar: Aufbau-Verlag, 1965.

एमएलए (8वां संस्करण) प्रशस्ति पत्र

Herrmann, Klaus, et al. Sturm Und Drang: Ein Lesebuch Für Unsere Zeit. 6. Auflage, 37.-43. Tausend. Aufbau-Verlag, 1965.

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